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देखते मायूसी सबकी अनुमानित दुख विनम्रता पूरी हों प्रमुदित करती प्रफुल्लित व्यवहार और आचरण तू जननी विविध व्याधियों की सरलता आज वही इंस्पिरेशन चाहत ही आज़ादी बाधाएं

Hindi सबकी ही चाहत Poems